कृषि निर्यात के लिए नॉन टेरिफ बेरियर्स समाप्त करने के विशेष प्रयास करे केन्द्र

कृषि निर्यात के लिए नॉन टेरिफ बेरियर्स समाप्त करने के विशेष प्रयास करे केन्द्र

भोपाल । मुख्यमंत्री कमल नाथ ने भारतीय कृषकों की आय बढ़ाने,अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उनके उत्पाद के निर्यात के लिए ‘नॉन टेरिफ बेरियर्स’ हटाने पर भारत सरकार से विशेष प्रयास करने को कहा है। नाथ आज वीडियो कांफ्रेंस के जरिए नीति आयोग की कृषि के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्रियों की उच्चाधिकार समिति की बैठक में बोल रहे थे। बैठक में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि भारत से बाहर के देशों विशेषकर यूरोप और अमेरिका में कृषि आधारित उत्पादों के निर्यात में, जो अड़चनें हैं उन्हें दूर करने की बड़ी जरूरत है। इससे हम किसानों की आय में वृद्धि कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में संरचनागत सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि ई-नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट को किसान हितैषी बनाने के लिए पूरे देश में कॉमन स्टेंडर्ड एंड सर्टिफिकेशन व्यवस्था लागू होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आने वाले सालों में कांट्रेक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देने को कहा। उन्होंने कहा कि इसके जरिए हम कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि बदले हुए परिवेश में कांट्रेक्ट फार्मिंग को एक नया स्वरूप देने, प्रोत्साहित करने और आवश्यक सुविधाएँ देने की नीति बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई नीति में किसान और व्यापारी दोनों के हितों का संरक्षण हो।

मुख्यमंत्री ने अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम को समाप्त करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में इसकी उपयोगिता समाप्त हो गई है। किसानों के व्यापक हित में यह जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने खाद्‌य प्र-संस्करण के क्षेत्र को नई संभावना वाला क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि इससे हम किसानों की आय में खासी वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें ऐसी नीति बनानी होगी जो व्यापक होने के बजाए क्षेत्र विशेष आधारित है। मुख्यमंत्री ने हार्टिकल्चर और फ्लोरीकल्चर पर भी अधिक फोकस करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह भी एक क्षेत्र है जिससे हम किसानों की आय दोगुना कर सकते हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के सुझावों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि निश्चित ही उनके दिए गए सुझावों से कृषि क्षेत्र मजबूत होगा और कृषकों की आय बढ़ेगी।

बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी एवं अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू उपस्थित थे।

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