पेयजल आपूर्ति में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त ः मेघवाल

पेयजल आपूर्ति में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त ः मेघवाल

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने शनिवार को चूरू जिले के सुजानगढ़ में जलदाय विभाग एवं आपणी योजना के अधिकारियों की बैठक लेकर क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री मेघवाल ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी गांव-ढाणी समुचित पेयजल आपूर्ति से वंचित नहीं रहे। इसके लिए जलदाय विभाग के अधिकारी अधिक सक्रियता के साथ काम करते हुए यह सुनिश्चित करें कि किसी भी गांव-ढाणी के व्यक्ति को पेयजल के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। प्रत्येक गांव के अंतिम छोर के व्यक्ति को आसानी से गुणवत्तायुक्त मीठा पेयजल उपलब्ध हो, यह हमारा प्रयास रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सुजानगढ़ की ढाणियों में बसे व्यक्ति को हिमालय का मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए आपणी योजना स्वीकृत की गई है, जिसका समुचित लाभ यहां के लोगों को मिलना चाहिए। जहां आपणी योजना की पाइप लाइन नहीें डाली गयी है, वहां पर शीघ्र लाइन डालकर पानी पहुंचाएं। एससी-एसटी की ढाणियों-मौहल्लों में समुचित जलापूर्ति हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जो गांव आपणी योजना के पानी से वंचित हैं, उनके लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर भिजवाएं ताकि उन्हें आपणी योजना में लाभान्वित किया जा सके। स्वीकृति के बावजूद जो कार्य रुके हुए हैं, उन्हें तत्काल शुरू कराएंं। ग्रामीणों की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी अधिकारी, कर्मचारी की लापरवाही व अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मीठे पानी की आपूर्ति के साथ-साथ ग्रामीणों को पेयजल के सदुपयोग और बचत के बारे में भी जागरुक करें ताकि पानी बर्बाद नहीं हो। आपणी योजना की टंकियों का रख-रखाव समुचित ढंग से हो तथा उनकी नियमित तौर पर सफाई सुनिश्चित की जाए। इस दौरान प्रधान श्री गणेश ढाका, इदरीश गौरी, आपणी योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर संजीव श्रीवास्तव, एक्सईएन रामावतार, हरिराम, सहायक अभियंता महेंद्र कांटीवाल, विद्याधर बेनीवाल सहित अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
अवैध कनेक्शन पर कराएं एफआईआर
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि जहां ट्यूबवेल खराब पड़े हैं, उन्हें ठीक कराएं तथा आवश्यकता के अनुसार नए ट्यूबवेल शुरू कराएं। आपणी योजना के पानी का अवैध कनेक्शन कर अंतिम छोर तक जलापूर्ति में व्यवधान पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर कराएं, उन पर जुर्माना लगाएं और चोरी के पानी का उपयोग करने वाले प्रतिष्ठानों को सीज करें। ग्राम जल एवं स्वास्थ्य समितियों को सक्रिय करें तथा उन्हें निर्देशित करें कि पेयजल की चोरी करने वाले व्यक्तियों को रोकें तथा उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए अधिकारियों को सूचित करें।
परम्परागत स्रोत भी रखें चालू
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि आपणी योजना में पीने के लिए मीठे जल की आपूर्ति होती है लेकिन इससे जुड़े गांवों में पीएचईडी के परम्परागत स्रोत जैसे ट्यूबवैल, हैंडपंप आदि चालू रखें ताकि पेयजल के अलावा पानी की दूसरी आवश्यकताओं की पूर्ति उनसे होती रहें। जरूरत के अनुसार ऎसे नए स्रोत भी बनवाएं तथा पुराने स्रोत चालू कराएं। उन्होंने कहा कि यह भी देखें कि लीकेज व अन्य कारणों से पानी का दुरुपयोग नहीं हो, पानी व्यर्थ नहीं बहे।
टिप्स पर रहें डाटा
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे प्रत्येक गांव व ढाणी के डाटा को कलेक्ट कर एक डायरी मेंंटेन करें जिसमें पेयजल से जुड़ी प्रत्येक जानकारी रहे। अधिकारियों के टिप्स पर यह डाटा रहने चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि अधिकारी प्रत्येक गांव में हर माह कम से कम एक विजिट अवश्य करें। किसी भी गांव की समस्या और प्रस्तावित समाधान के बारे में अधिकारियों को जानकारी रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हाल ही में जो साढे़ तीन करोड़ रुपए की स्वीकृति उन्होंने दिलवाई है, उस पर तत्काल कार्य कर लोगों को राहत दें। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में नए ट्यूबवैल, नई सबमर्सिबल, नए पंपसेट आदि कार्यों के लिए साढे तीन करोड़ रुपए स्वीकृत कराए गए हैं।
सुनीं समस्याएं, दिए निर्देश
इससे पूर्व ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने शहर में कब्रिस्तान की क्षतिग्रस्त चारदीवारी को ठीक कराने के लिए सभापति एवं आयुक्त को कहा। इस दौरान प्रधान गणेश ढाका, सभापति सिकंदर अली खिलजी, प्रदीप तोदी, विद्याधर बेनीवाल, धर्मेंद्र कीलका, बजरंग सैन सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण मौजूद थे।
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