महाराष्ट्र: आरे कॉलोनी से हटी धारा 144, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात.!

महाराष्ट्र: आरे कॉलोनी से हटी धारा 144, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात.!

आरे कॉलोनी में लगी धारा 144 को हटा लिया गया है। गोरेगांव के इस इलाके में पेड़ काटने के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुये निषेधाज्ञा लगा दी गई थी। ये पेड़ मेट्रो रेल सेवा के कामकाज में आड़े आ रहे थे। पुलिस ने यह कदम इलाके में शांति लौटने और यातायात सामान्य होने को देखते हुये उठाया। इन पेड़ों को काटने का यहां जमकर विरोध हुआ और मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है। इससे पहले बंबई हाईकोर्ट ने इन करीब ढाई हजार से अधिक पेड़ों को काटने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि धारा 144 के हटने के बाद भी बड़ी संख्या में पुलिस बल यहां तैनात है। इससे पहले मुंबई के आरे कॉलोनी में मेट्रो शेड के निर्माण के लिए पेड़ काटे जाने के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस अशोक भूषण की विशेष पीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगा दी। इसके साथ ही पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 21 अक्तूबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तार किए गए सभी प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी प्रदर्शनकारी बिना देरी के रिहा किए जाएं। मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ काटे जाने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रोक लगा दी है। मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सोमवार को बताया कि उसे 2185 पेड़ काटने की अनुमति मिली थी और वह 2141 पेड़ काट चुका है। यानी कि अब मात्र 44 और पेड़ों को काटा जाना बाकी है।
सुप्रीम कोर्ट की रोक पर मुंबई मेट्रो ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश का सम्मान करते हुए पेड़ों की कटाई रोक दी गई है। मुंबई मेट्रो के प्रवक्ता ने कहा कि अब भविष्य में और पेड़ नहीं काटे जाएंगे। हालांकि काटे गए पेड़ों को हटाकर जगह साफ व अन्य निर्माण कार्य जारी रहेंगे। प्रवक्ता ने कहा, हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं और अब आरे मिल्क कॉलोनी में कार शेड साइट के आसपास कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा।

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